सोमवार, 31 दिसंबर 2012

इस भ्रष्ट व्यवस्था के चलते किसी सामाजिक न्याय की उम्मीद की जा सकती है ?


कथित दलित अथवा बहुजन स्वामी नेताओं और उनकी तलछनों का लक्ष्य अपनी भुखमरी दूर करके जनता को बेवकूफ बनाने में अधिक हैये ताक़तें अपने आधार के साथ भारत के सबसे बडे प्रदेश में हकूमतें भी चला चुकी है और देश उनके तमाम कथित चमत्कारों से भलिभांति परिचित भी है। इनका सीमित चिंतन बुनियादी रूप से समाज के इस क्रांतिकारी तबके के गले में नौकरियों का सरकारी पट्टा डालता है बल्कि खतरनाक रूप से दुनिया के दूसरे देशों में चल रही क्रांतिकारी तहरीकों से भी जबरन दूर रखता है उन्हें जनता के उन आन्दोलनों से अनभिज्ञ रखता है जहाँ दमित पीड़ित समाज ने अपनी तकदीरे स्वयं बदली हैं।
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दामिनी गैंग रेप प्रसंग और बहुजनस्वामियों का अट्टहास

बुधवार, 19 दिसंबर 2012

पुलिस का दिखा क्रूर चेहरा तो सोनिया ने घाव पर नमक छिड़का !

पुलिस का दिखा क्रूर चेहरा तो सोनिया ने घाव पर नमक छिड़का !

बिहार का सृजन : मिथ क्या सत्य क्या

बिहार का सृजन : मिथ क्या सत्य क्या

शिव को नहीं भाये प्रभात, पसंद उनकी तो मर

शिव को नहीं भाये प्रभात, पसंद उनकी तो मर

दिन बहुरेंगे डाकघरों के

दिन बहुरेंगे डाकघरों के

विश्व भूख सूचकांक में भारत : भूख, कुपोषण से मुक्त कराने के प्रचार की धोखाधड़ी

विश्व भूख सूचकांक में भारत : भूख, कुपोषण से मुक्त कराने के प्रचार की धोखाधड़ी

लो आ गयी बंगाल की दूसरी ममता !!

लो आ गयी बंगाल की दूसरी ममता !!

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश प्रचार और असलियत

खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश प्रचार और असलियत

रोजगार की गारंटी में शामिल नहीं है वेतन की गारंटी

रोजगार की गारंटी में शामिल नहीं है वेतन की गारंटी

क्या काले लोगों का अस्तित्व नहीं ?

क्या काले लोगों का अस्तित्व नहीं ?

…और खत्म हो गया दलितों का सामाजिक बहिष्कार

…और खत्म हो गया दलितों का सामाजिक बहिष्कार

भूमंडलीकरण के राक्षस को पहचानने में मदद करता है काशीनाथ सिंह का लेखन

भूमंडलीकरण के राक्षस को पहचानने में मदद करता है काशीनाथ सिंह का लेखन

सवाल यह है, इन बच्चों को कौन बचायेगा ?

सवाल यह है, इन बच्चों को कौन बचायेगा ?

धारा 498-ए अप्राकृतिक व अन्यायपूर्ण!

धारा 498-ए अप्राकृतिक व अन्यायपूर्ण!

आखिर मुकेश अम्बानी का इरादा क्या है?

आखिर मुकेश अम्बानी का इरादा क्या है?

आखिर हरिवंश सिंह जैसों के ठेगें पर क्यों है प्रेस कानून !

आखिर हरिवंश सिंह जैसों के ठेगें पर क्यों है प्रेस कानून !

सिंधिया ही दे सकते हैं मध्यप्रदेश कांग्रेस को संजीवनी

सिंधिया ही दे सकते हैं मध्यप्रदेश कांग्रेस को संजीवनी

सुशासन बाबू के कुशासन में उभरा परिवर्तन का एक नया चेहरा

सुशासन बाबू के कुशासन में उभरा परिवर्तन का एक नया चेहरा

‘दलित संघर्ष को गलत दिशा में ले गई हैं मायावती’ : दारापुरी,

‘दलित संघर्ष को गलत दिशा में ले गई हैं मायावती’ : दारापुरी,

गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

समाजवादी आंबेडकर

समाजवादी आंबेडकर

भारत को भी तैयार करने होंगे अपने ओबामा

भारत को भी तैयार करने होंगे अपने ओबामा

अंबेडकर के नाम पर धंधा करने वाले कभी भी जाति का विनाश नहीं होने देगें

अंबेडकर के नाम पर धंधा करने वाले कभी भी जाति का विनाश नहीं होने देगें

जैसी दवा चिकित्सक लिखें , उस पर निर्भर है कैंसर का खर्च, फिर भी सिप्ला के दाम में कटौती से राहत की उम्मीद

जैसी दवा चिकित्सक लिखें , उस पर निर्भर है कैंसर का खर्च, फिर भी सिप्ला के दाम में कटौती से राहत की उम्मीद

निजीकरण की राह पर रेलवे

निजीकरण की राह पर रेलवे

पीएम की डिनर डिप्लोमेसी मेहनतकशों के मृत्यु भोज (!) का उत्सव

पीएम की डिनर डिप्लोमेसी मेहनतकशों के मृत्यु भोज (!) का उत्सव

भारत में बस गये 1290 पाकिस्तानी

भारत में बस गये 1290 पाकिस्तानी

बुधवार, 12 दिसंबर 2012

इतिहास की पुनरावृत्ति है एफडीआई का आगमन

इतिहास की पुनरावृत्ति है एफडीआई का आगमन

मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

लोकतंत्र चला बाज़ार वाया चुनाव आयोग

लोकतंत्र चला बाज़ार वाया चुनाव आयोग

करोड़ों लोगों की रोजी रोटी पर लात मारने का पुख्ता इंतजाम

करोड़ों लोगों की रोजी रोटी पर लात मारने का पुख्ता इंतजाम

छत्तीसगढ़ को तीन साल में 1870 करोड़ रॉयल्टी

छत्तीसगढ़ को तीन साल में 1870 करोड़ रॉयल्टी

सरकार का चेहरा ज्यादा हिंसक है

सरकार का चेहरा ज्यादा हिंसक है

मोदी को मनमोहन का अभयदान

मोदी को मनमोहन का अभयदान

सियासत के शामियाने में राज और नीतीश मुस्कुराते हैं

सियासत के शामियाने में राज और नीतीश मुस्कुराते हैं

लोकतंत्र का पंचनामा

लोकतंत्र का पंचनामा

सोमवार, 10 दिसंबर 2012

क्या अंबेडकर और लोहिया भी कॉर्पोरेट राज का ऐसा ही निर्लज्ज समर्थन करते !

क्या अंबेडकर और लोहिया भी कॉर्पोरेट राज का ऐसा ही निर्लज्ज समर्थन करते !

भारतीय समुद्रों की लूट का लाईसेंस

भारतीय समुद्रों की लूट का लाईसेंस

एक ही बार में भ्रष्टाचार और परिवारवाद- दोनों से लड़ने का भरम तोड़ दिया बीजेपी ने

एक ही बार में भ्रष्टाचार और परिवारवाद- दोनों से लड़ने का भरम तोड़ दिया बीजेपी ने

शौकत पर लश्कर का ठप्पा लगाने की फिराक में यूपी एटीएस!

शौकत पर लश्कर का ठप्पा लगाने की फिराक में यूपी एटीएस!

एम डी एम घोटाले की सीबीआई जाँच रिपोर्ट : दो डीएम और दो सीडीओ के नाम भी शामिल!!!

एम डी एम घोटाले की सीबीआई जाँच रिपोर्ट : दो डीएम और दो सीडीओ के नाम भी शामिल!!!

वनाधिकार, भूमि अधिकार व महिला हिंसा के सवाल पर प्रदर्शन करेंगे जनसंगठन

वनाधिकार, भूमि अधिकार व महिला हिंसा के सवाल पर प्रदर्शन करेंगे जनसंगठन

आईटी एक्ट की धारा 66-ए और 79 को प्रासंगिक माना सरकार ने

आईटी एक्ट की धारा 66-ए और 79 को प्रासंगिक माना सरकार ने

नौ महीने में केवल दस दंगे : जियो मेरे युवराज

नौ महीने में केवल दस दंगे : जियो मेरे युवराज

नेता जी सपा समर्थित गुण्डागर्दी आपको प्रधानमंत्री नहीं बनने देगी

नेता जी सपा समर्थित गुण्डागर्दी आपको प्रधानमंत्री नहीं बनने देगी

हिन्दी पत्रकारिता का प्रभाष काल

हिन्दी पत्रकारिता का प्रभाष काल

दो मौतों पर नतमस्तक पूंजीवादी राजनीतिज्ञ और मीडिया

दो मौतों पर नतमस्तक पूंजीवादी राजनीतिज्ञ और मीडिया

कैंसर से जूझते हुए शावेज़!!! …शावेज़… शावेज़ यहां से वहां तक…शावेज़

कैंसर से जूझते हुए शावेज़!!! …शावेज़… शावेज़ यहां से वहां तक…शावेज़

पूंजी का खेल समझना है तो दिनोंदिन अभेद्य होते जा रहे ममताराज का तिलिस्म देखिये !

पूंजी का खेल समझना है तो दिनोंदिन अभेद्य होते जा रहे ममताराज का तिलिस्म देखिये !

एस्टर आई केयर के दिल्ली में पहले सेंटर का उद्घाटन

एस्टर आई केयर के दिल्ली में पहले सेंटर का उद्घाटन

ज्ञानक्रांति का फैसला भी लेंगी क्या दीदी ?

ज्ञानक्रांति का फैसला भी लेंगी क्या दीदी ?

अर्थव्यवस्था की बीमारी का इलाज उस दवा से नहीं होगा जो इस बीमारी की जड़ है

अर्थव्यवस्था की बीमारी का इलाज उस दवा से नहीं होगा जो इस बीमारी की जड़ है

आरोप लगाने के बाद उन आरोपों से कोई वफादारी नहीं रहती केजरीवाल की

आरोप लगाने के बाद उन आरोपों से कोई वफादारी नहीं रहती केजरीवाल की

हां, भारत हिन्दू राष्ट्र है।

हां, भारत हिन्दू राष्ट्र है।

आखिर क्या मिला सूचना के अधिकार अधिनियम से ?

आखिर क्या मिला सूचना के अधिकार अधिनियम से ?

सुशासनी सरकार का कीर्तिमान : मनरेगा में 5 साल- गड़बड़ी की 105 शिकायतें

सुशासनी सरकार का कीर्तिमान : मनरेगा में 5 साल- गड़बड़ी की 105 शिकायतें

रविवार, 9 दिसंबर 2012

संगठन की दुहाई देने वाली भाजपा में व्यक्ति हो गए हावी

संगठन की दुहाई देने वाली भाजपा में व्यक्ति हो गए हावी

लूट के इस महाभोज में सबसे ज्यादा किसी का पेट भरा तो वह था मीडिया

लूट के इस महाभोज में सबसे ज्यादा किसी का पेट भरा तो वह था मीडिया

भाजपा पर संघ का नियंत्रण

भाजपा पर संघ का नियंत्रण

पित्रोदा को बढई,प्रणव को बंगाली और मनमोहन को सरदार बना दिया !

पित्रोदा को बढई,प्रणव को बंगाली और मनमोहन को सरदार बना दिया !

चोर बाजे जोर से

चोर बाजे जोर से

भविष्य के संघर्षों के लिए मार्गदर्शन करेगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की 21वीं कांग्रेस

भविष्य के संघर्षों के लिए मार्गदर्शन करेगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की 21वीं कांग्रेस

कपटपूर्ण रणनीति से निकली पार्टी का नाम भी कपट से भरा है

कपटपूर्ण रणनीति से निकली पार्टी का नाम भी कपट से भरा है

कलम का ‘सिपाही’ बनने की आपाधापी

कलम का ‘सिपाही’ बनने की आपाधापी

इमाम साहब तोप लेने आए थे, छुरी लेकर गए – आजम

इमाम साहब तोप लेने आए थे, छुरी लेकर गए – आजम

जोड़ों के चोट के लिए आर्थोस्कोपी काफी कारगर

जोड़ों के चोट के लिए आर्थोस्कोपी काफी कारगर

माया व बजरंगी को सजा यानि मोदी को मजा

माया व बजरंगी को सजा यानि मोदी को मजा

आपातकाल में भी नहीं हुआ ऐसा तो !

आपातकाल में भी नहीं हुआ ऐसा तो !

सामंत की कचहरी में इंसाफ

सामंत की कचहरी में इंसाफ

चलो प्रधानमंत्री बना जाये

चलो प्रधानमंत्री बना जाये

गहलोत समझें तो यह तमाचे से कम नहीं है

गहलोत समझें तो यह तमाचे से कम नहीं है

दो मौतों पर नतमस्तक पूंजीवादी राजनीतिज्ञ और मीडिया

दो मौतों पर नतमस्तक पूंजीवादी राजनीतिज्ञ और मीडिया

असली हीरो आप तो फास्ट ट्रेक कोर्ट आमिर के कहने पर क्यों?

असली हीरो आप तो फास्ट ट्रेक कोर्ट आमिर के कहने पर क्यों?

प्रेम : हमारे दौर का सबसे बड़ा संदेह

प्रेम : हमारे दौर का सबसे बड़ा संदेह

आज का एफडीआई सेकुलर है अगर आठ साल पहले आता तो साम्प्रदायिक होता

आज का एफडीआई सेकुलर है अगर आठ साल पहले आता तो साम्प्रदायिक होता

पश्चिमी देशों के अभिभावकों को ‘टाइगर मॉम’ की सीख

पश्चिमी देशों के अभिभावकों को ‘टाइगर मॉम’ की सीख

विचारधारा का संगम कॉफी हाऊस

विचारधारा का संगम कॉफी हाऊस

शनिवार, 8 दिसंबर 2012

Now IITs on PPP mode

Now IITs on PPP mode

संजय जोशी पर साफ दिखा नरेंद्र मोदी का खौफ

संजय जोशी पर साफ दिखा नरेंद्र मोदी का खौफ

आरोप लगाने के बाद उन आरोपों से कोई वफादारी नहीं रहती केजरीवाल की

आरोप लगाने के बाद उन आरोपों से कोई वफादारी नहीं रहती केजरीवाल की

सड़क पर कोई मासूम घायल न हो

सड़क पर कोई मासूम घायल न हो

बाबू जगजीवन राम को आदर्श मानते हैं भारत के न्यायप्रिय लोग

बाबू जगजीवन राम को आदर्श मानते हैं भारत के न्यायप्रिय लोग

ब्राह्मणों की सक्रिय भूमिका थी आंबेडकर के अछूतोद्धार के काम में

ब्राह्मणों की सक्रिय भूमिका थी आंबेडकर के अछूतोद्धार के काम में

जी.डी.पी में सिर्फ १४ फीसदी का योगदान करनेवाले कृषि क्षेत्र की सरकार को कोई खास परवाह नहीं है

जी.डी.पी में सिर्फ १४ फीसदी का योगदान करनेवाले कृषि क्षेत्र की सरकार को कोई खास परवाह नहीं है

आई.सी.यू. की ओर जाती हुई अर्थव्यवस्था

आई.सी.यू. की ओर जाती हुई अर्थव्यवस्था

सी ए जी की रिपोर्ट दोबारा पढ़िए सिब्बल साहब!

सी ए जी की रिपोर्ट दोबारा पढ़िए सिब्बल साहब!

सॉफ्ट स्टेट का हार्ड मैसेज

सॉफ्ट स्टेट का हार्ड मैसेज

‘ऑपरेशन फर्रुखाबाद’ का राजनीति पर असर

‘ऑपरेशन फर्रुखाबाद’ का राजनीति पर असर

ये कैसा है दुर्भाग्य का योग, ममता के हाथों में महिला आयोग

ये कैसा है दुर्भाग्य का योग, ममता के हाथों में महिला आयोग

राजनीति अब करिश्मे की उम्मीद किससे करेगी साहेब !

राजनीति अब करिश्मे की उम्मीद किससे करेगी साहेब !

परिवारवाद को सींचने में मुलायम सिंह का बहुमूल्य योगदान

परिवारवाद को सींचने में मुलायम सिंह का बहुमूल्य योगदान

अशोक हॉल में नादिरशाह

अशोक हॉल में नादिरशाह

डिंपल से सीख लें फेसबुकिया बुद्धिजीवी

डिंपल से सीख लें फेसबुकिया बुद्धिजीवी

अखबारों/चैनलों का वश चलता तो वे सार्वजनिक तौर पर किसी चौराहे पर कसाब को फांसी पर लटका देते

अखबारों/चैनलों का वश चलता तो वे सार्वजनिक तौर पर किसी चौराहे पर कसाब को फांसी पर लटका देते

अत्याधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक बर्बरता के अस्त्रों से लैस महानायक

अत्याधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक बर्बरता के अस्त्रों से लैस महानायक

A nation betrayed

A nation betrayed

Gujarat: Who will Muslims vote for?

Gujarat: Who will Muslims vote for?

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012

बारीक तौर पर चल रही हैं लेखकों को बाँटने की साजि़शें

बारीक तौर पर चल रही हैं लेखकों को बाँटने की साजि़शें

संगठन के नीचे दबता जा रहा संविधान

संगठन के नीचे दबता जा रहा संविधान

हेल्पलाइन तो ठीक पर मुख्यमन्त्री महोदय…….

हेल्पलाइन तो ठीक पर मुख्यमन्त्री महोदय…….

ये वाम दलों की जीत है

ये वाम दलों की जीत है

खबर ‘स्टुपिड’ हो सकती है पर निराधार नहीं !

खबर ‘स्टुपिड’ हो सकती है पर निराधार नहीं !

मंगलवार, 4 दिसंबर 2012

अत्याधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक बर्बरता के अस्त्रों से लैस महानायक


अत्याधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक बर्बरता के अस्त्रों से लैस महानायक

सोमवार, 3 दिसंबर 2012

कांशीराम की पत्रकारिता

पुस्तक में कांशीराम के 77 संपादकीय लेख संकलित किये गये हैं। पहला लेख समाचार सेवाओं की आवश्यकतापर है, जिसमें कांशीराम ने बहुत सही सवाल उठाया है कि जातिवादी हिन्दू प्रेस दलित और शोषित समाज के समाचारों को ब्लैक आउट करता है। वे इस लेख में लिखते हैं कि इसलिये डा. आंबेडकर ने निजी समाचार सेवा के महत्व को समझ कर 1920 में मूकनायक’, 1927 में बहिष्कृत भारत’, 1930 में जनताऔर 1955 में प्रबुद्ध भारतनाम से समाचार पत्र निकाले थे। लेख में दि आपे्रस्ड इण्डियनपत्रिका की शुरुआत के सम्बन्ध में लिखा है, ‘आवश्यकता और अवसर दोनों से हमें चुनौती स्वीकार करने की पे्ररणा मिली है तथा समाचार सेवा के क्षेत्र में कूदने की तैयारी है।वे अन्त में लिखते हैं, अगले दो सालों में देश के कोने-कोने से समाचार सेवा का विस्तार हो जायगा।
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कांशीराम की पत्रकारिता